हारे जीवन की शक्ति गीत हैं मेरे।
हर शब्द एक आँसू युग के लोचन का, हर भाव एक उच्छवास प्रज्वलित मन का, प्राणों की सीपी में ढलकर निकलते हैं, युग-पीड़ा की अभिव्यक्ति गीत हैं मेरे। हारे जीवन की शक्ति गीत हैं मेरे। जग की आकृति के ये निर्मल दर्पण हैं, श्रंगों को साधे हैं, माना लघु कण हैं, इनकी लघुता पर मैं महिमा को वारूँ, कण पर असीम आसक्ति हैं मेरे। हारे जीवन की शक्ति गीत हैं मेरे। इनमें सावन की मंजुल हरियाली है, शशि की शीतलता, ऊषा की लाली है, इनमें वह सब है जो वरेण्य संसृति का, मन की निश्छल अनुरक्ति गीत हैं मेरे। हारे जीवन की शक्ति गीत हैं मेरे। ढाली है इतनी इन गीतों में ज्वाला, हर गीत अमरता के आसव का प्याला, जीवन के तप के ये प्रतीक हैं पावन, वंधन से चरम-विरक्ति गीत हैं मेरे। हारे जीवन की शक्ति गीत हैं मेरे।
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